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Prabhu Mei Hu Oghangharo Bhajan Lyrics प्रभु मैं हूँ ओगणगारो भजन

प्रभु मैं हूँ ओगणगारो...

स्थाई: प्रभु मैं हूँ ओगणगारो, 
मोहे अब पार उतारो ॥

अच्छो बुरो हूँ खरो निकम्मो, 
पूत कपूत हूँ थांरो ।
पापां रा श्रापां रे आगे, 
वश चाले नहीं म्हारो ॥

मन तो मरजी ऊपर चाले, 
समझा-समझा हार्यो ।
ओ म्हारी तो एक नी माने, 
जीवन थकियो सारो ॥

स्वार्थ रा साथी है जग में, 
यो दुनियाँ रो धारो ।
ओ मन किण रे वचन बंध ग्यो, 
ऊपर मोटो भारो ॥

इण मन रे कर्मों ने देख्यां, 
मत ना नरकां डारो ।
भैरव तो भोळो है भगवन, 
चौरासी रे तारो ॥
     ✽✽✽✽✽

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