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Aam Ki Dali Koyal Bole Bhajan Lyrics आम की डाली कोयल बोले



आम की डाली कोयल बोले 

दोहा:- ब्रह्मधाम आसोतरा में तो, सुन्दर बण्यो धाम।     
खेतारामजी इच्छा पूरे, करे भगता रो काम।।

स्थाई:- आम की डाली कोयल बोले, बात बतावे खरी खरी।
खेतेश्वर को जपले प्राणी, म्हें समझाऊँ घड़ी-घड़ी।।
ब्रह्मधाम आसोतरा मे, नर नारी रो मेलो है।
खेतेश्वर रो ध्यान धरो, हरदम थारे भेलो है।
गाँव-गाँव और नगर-नगर में धूम मची है गली-गली।।

धन दौलत सब उमर कमाणी,दोय घड़ी शुभ काम करो।
ऐड़ो अवसर हाथ नी आवे, चाहे जतन तमाम करो।
तन मन धन सब अर्पण कर दो, ब्रह्मधाम के आप धणी।।

आप बसे वैकुण्ठ धाम प्रभो! भगत पर आज म्हेर करो।
ज्ञान ध्यान के तुम हो सागर, सूखी नदियाँ नीर भरो।
प्यासी बगियाँ में रस भर दो, हो जावे वो हरी भरी।।

ब्रह्म स्वरूपी महावैरागी, खेतेश्वर तपधारी है।
आप के शरणे जो कोई आवे, नैया पार उतारी है। 
दास हिरा पे किरपा कर दो, भक्त बणाई कड़ी-कड़ी।।
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