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Raam Naam Ke Hire Moti Bhajan Lyrics राम नाम के हीरे मोती भजन

राम नाम के हीरे मोती....

दोहा: राम नाम भजियो नहीं, 
कियो न हरि से हेत।
वो नर ऐसे जाएगा, 
ज्यूं मूली का खेत ॥

स्थाई: राम नाम के हीरे मोती, 
मैं बिखराऊं गली-गली ।
लूटने वाले लूटेंगे मैं, 
शोर मचाऊं गली-गली ॥

भोगों के मतवालों सुन लो, 
एक दिन ऐसा आयेगा।
धन दौलत और माल खजाना, 
यहीं पड़ा रह जाएगा।
कंचन काया मिट्टी होगी, 
चर्चा होगी गली-गली ॥

इस यौवन पर फैशन पर, 
इतना तू फूला फिरता है।
नशे में अपने जीवों को, 
पैरों से कुचल कर चलता है।
दो दिन की ये चमक चाँदनी, 
फिर मुरझाए कली-कली ॥

जिनको तू अपना कहता है, 
एक दिन तुझे भुलाएँगे।
अन्त समय कोई साथ ना देगा, 
तुझसे आँख चुराएँगे।
जगत मुसाफिर खाना है ये, 
एक दिन होगी चला-चली ॥

फिर ऐसा अनमोल समय तू, 
कभी न बंदे पाएगा।
समय निकल जाएगा पगले, 
हाथ मसल रह जाएगा।
सिर धुनकर पछताएगा तू, 
रोवे आँसू डळी-डळी ॥
        ✽✽✽✽✽

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