सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Sayabh Ne Bhajo Ginwara Bhajan Lyrics सायब ने भजो रे गिंवारा भजन

सायब ने भजो रे गिंवारा...


दोहा: गुरु सेवा जन बंदगी, 
अर सत्संग वैराग।
ये चारों जब ही मिले, 
पूरण हो ये भाग ॥

स्थाईः सायब ने भजो रे गिंवारा, 
मत भूलो रे वारम्वारा ।
ज्यूं जन्म्यां ज्यूं मर जासी, 
रे मालिक का लेखा भरणा ।
सायब ने भजो रे गिंवारा, 
मत भूलो रे वारम्वारा ।।

बाजीगर डंक बजाया जी, 
सब खलक तमाशा आया ।
बाजीगर कला तो समेटी, 
जद उड़ गई सकल कमेटी ।
सायब ने भजो रे गिंवारा, 
मत भूलो रे वारम्वारा ॥

पार उतरणा थांने चहिजे, 
नावड़िया सूं मिलणो ।
नावड़ियो नाव चलावे जी, 
थने अमरलोक ले जावे।
सायब ने भजो रे गिंवारा, 
मत भूलो रे वारम्वारा ॥

दर्शन करणा थाने चहिजे, 
दर्पण मांजतो रेहिजे।
दर्पण में तो वेला रे झाँई, 
दर्शन होवे नाँहि ।
सायब ने भजो रे गिंवारा, 
मत भूलो रे वारम्वारा ॥

मुक्ति रा फल थने हिजे, 
वेलड़िया थूं सींचे।
वेलड़ियां सू वे रे काँई, 
जनम मरण सब जाई।
सायब ने भजो रे गिंवारा, 
मत भूलो रे वारम्वारा ॥

कबीर सा निज वाणी, 
संत वाणी पहचाणी ।
बड़ों रा नहीं परखीजे, 
आणी मूरख रो काँहि कीजे ।
सायब ने भजो रे गिंवारा, 
मत भूलो रे वारम्वारा ॥
           ✽✽✽✽✽

यह भजन भी देखे 

Satgurusa Mhane Bhav Su Bhajan Lyrics

Ghume Godaliyo Babe Ro Bhajan Lyrics

Majisa Dhora Dharti Bhajan Lyrics

Puran Prem Laga Dil Main Bhajan Lyrics

Kabir Rahim Dohawali Bhajan Lyrics

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Aam Ki Dali Koyal Bole Bhajan Lyrics आम की डाली कोयल बोले

आम की डाली कोयल बोले   दोहा :-  ब्रह्मधाम आसोतरा में तो , सुन्दर बण्यो धाम।        खेतारामजी इच्छा पूरे , करे भगता रो काम।। स्थाई :-  आम की डाली कोयल बोले , बात बतावे खरी खरी। खेतेश्वर को जपले प्राणी , म्हें समझाऊँ घड़ी - घड़ी।। ब्रह्मधाम आसोतरा मे , नर नारी रो मेलो है। खेतेश्वर रो ध्यान धरो , हरदम थारे भेलो है। गाँव - गाँव और नगर - नगर में धूम मची है गली - गली।। धन दौलत सब उमर कमाणी , दोय घड़ी शुभ काम करो। ऐड़ो अवसर हाथ नी आवे , चाहे जतन तमाम करो। तन मन धन सब अर्पण कर दो , ब्रह्मधाम के आप धणी।। आप बसे वैकुण्ठ धाम प्रभो ! भगत पर आज म्हेर करो। ज्ञान ध्यान के तुम हो सागर , सूखी नदियाँ नीर भरो। प्यासी बगियाँ में रस भर दो , हो जावे वो हरी भरी।। ब्रह्म स्वरूपी महावैरागी , खेतेश्वर तपधारी है। आप के शरणे जो कोई आवे , नैया पार उतारी है।   दास हिरा पे किरपा कर दो , भक्त बणाई कड़ी - कड़ी।।       ...

Baras Baras Mhara Indra Raja Bhajan बरस बरस म्हारा इंद्र राजा

।।   बरस बरस म्हारा इंद्र राजा ।। बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , जाटा जी बुलावे राजा देव रे ओलमा , पलका बिछाई थारा दहेला में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , गुर्जरजी बुलावे राजा देव रे   ओलमा , फुलड़ा लाइजे भर थेला में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , मीणाजी बुलावे राजा देव रे ओलमा , करो प्रकट धेन धेला में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , सोहन सिंह गावे प्रहलाद बनावे , भजन सुरीला कैसेट अल्फ़ा में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में ,                        ✽✽✽✽✽ यह भजन भी देखे  ऊँचो भवानी थांरो देवरो Uncho Bhawani Tharo Dewaro Lok Laaj Dinhi Khoy Fakiri लोक लाज दीन्ही खोय फकीरी Ganesh Ji Aarti श्री गणेशजी की आरती काली कमली वाला मेरा यार है Kali Kamali Wala Mera Yaar Hai Guru Gyaani...

Rang Lago Ji Mhane Kodh Lago Bhajan Lyrics रंग लागो जी म्हाने कोड

Rang Lago Ji Mhane Kodh Lago Bhajan    दोहा:- धिन धिन धोरा धरती ने, पड़ियो समन्द में सीर।  कलजुग में परचा दिया, थाने रंग हो रामापीर।। तटके ताला टूटीया, झटके पड़ी आ जंजीर।  रतनो हाजिर होवियो,  थाने रंग हो रामापीर।।   स्थाई:-  रंग लागो जी म्हाने कोड लागो रे, म्हाने जाणो रे रूणीचा वाले धाम, म्हारा मनवा रंग लागो।। भादरवे री बीज चानणी।  कोई प्रकट्या दीनदयाल,  म्हारा मनवा रंग लागो।। थोथी थलियाँ में बणियो देवरो।  कोई धजा रे फरुखे आसमान,  म्हारा मनवा रंग लागो।। मेवा मिठाई चढ़े चूरमो रे।  बाबा चढ़े चढ़े लीलड़िया नारेळ,  म्हारा मनवा रंग लागो।। दूर देशां रा आवे जातरी।  थारो मेलो रे भरीजे भरपूर जी,  म्हारा मनवा रंग लागो।। कुशल रतन री वीनती रे।  थारा प्रकाश माली जश गाय,  म्हारा मनवा रंग लागो।।                                        ✽✽✽✽✽ यह भजन भी देखे ...