इतनी शक्ति हमें देना दाता...
स्थाईः इतनी शक्ति हमें देना दाता,
मन का विश्वास कमजोर हो ना।
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे,
भूल कर भी कोई भूल हो ना ॥
दूर अज्ञान के हो अंधेरे,
तू हमें ज्ञान की रोशनी दे ।
हर बुराई से बचते रहें हम,
जितनी भी दे, भली जिन्दगी दे ।
बैर हो ना किसी का किसी से,
भावना मन में बदले की हो ना ।
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे,
भूल कर भी कोई भूल हो ना ॥
हम अन्धेरे में है रोशनी दे,
खो न दे खुद को ही दुश्मनी से ।
हम सजा पाए अपने किये की,
मौत भी हो तो सह लें खुशी से ।
कल जो गुजरा है फिर से न गुजरे,
आने वाला वो कल ऐसा हो ना।
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे,
भूल कर भी कोई भूल हो ना ॥
हर तरफ जुल्म है, बेबसी है,
सहमा-सहमा सा हर आदमी है।
पाप का बोझ बढ़ता ही जाये,
जाने कैसी ये धरती थमी है।
बोझ ममता का तू ये उठा ले,
तेरी रचना का कभी अन्त हो ना।
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे,
भूल कर भी कोई भूल हो ना ॥
ये ना सोचें हमें क्या मिला है,
हम ये सोचे किया क्या है अर्पण।
फूल खुशियाँ बांटे सभी को,
सबका जीवन ही बन जाये मधुबन ।
अपनी करूणा का रस तू बहा दें,
कर दे पावन हर एक मन का कोना ।
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे,
भूल कर भी कोई भूल हो ना ॥
✽✽✽✽✽
❤ यह भजन भी देखे ❤
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें