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Dhora Me Dham Kahawe Tharo Karni Mata Bhajan धोरां में धाम कहावे, थांरो करणी

धोरां में धाम कहावे, थांरो करणी 



स्थाई:- धोरां में धाम कहावे, थांरो करणी नाम कहावे। 
हो म्हारी मावड़ी ए, थांरा दर्शन सूं दुखड़ा मिट जावे।।

देशनोक में थांरो धाम बड़ो है,
करणी माता जी थांरो नाम खरो है। 
नर-नारी दर्शन आवे, चरणां में शीश नवावे,
हो म्हारी मावड़ी ए, थांरा दर्शन सूं दुखड़ा मिट जावे।।

नगर बीकाणो मैया आप बसायो,
शेखोजी ने करणी परचो बतायो। 
थांरा रूप अनन्त कहावे, कोई लीला जान ना पावे,
हो म्हारी मावड़ी ए, थांरा दर्शन सूं दुखड़ा मिट जावे।।

जो भी शरण में थांरे श्रद्धा सूं आवे,
करनल कीनीयाणी उणरी आस पुरावे। 
थांने चार खूंट है ध्यावे, थांरी जगमग जोत जगावे,
हो म्हारी मावड़ी ए, थांरा दर्शन सूं दुखड़ा मिट जावे।।

सिंह सवारी करणी एक बार आवो,
भोला भगतां ने मैया दर्श दिखावो। 
थांरी मूरत नैण सुहावे, थांरो मिन्दर मनड़े भावे,
हो म्हारी मावड़ी ए, थांरा दर्शन सूं दुखड़ा मिट जावे।।

लीला तिहारी करणी किसविध गावूँ ,
मैं तो अज्ञानी बालक पार नहीं पावूँ। 
कोई दास अशोक सुणावे, करणी रो दास कहावे,
हो म्हारी मावड़ी ए, थांरा दर्शन सूं दुखड़ा मिट जावे।।
                            ✽✽✽✽✽    

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