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Nij Mandiriya Mei Ramta Padharo Bhajan Lyrics निज मन्दिरिया में रमता पधारो

निज मन्दिरिया में रमता पधारो


दोहा: वक्रतुण्ड महाकायःसूर्यकोटि समप्रभ:।
निर्विघ्नं कुरु में देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।

स्थाई: रमता पधारो गणपति जी ,
निज मिन्दरिया में रमता पधारो गणपति।।
धूप खेवू अगरबती जी,
निज मिन्दरिया में रमता पधारो गणपति।।

राम पधारो देवा लक्ष्मण आवो जी। 
संग माँहि लावो सिया सती जी,
निज आंगणिया में रमता पधारो गणपति।।

बह्रमा जी पधारो देवा विष्णु पधारो जी। 
संग माँहि लावो सरस्वती जी,
निज मिन्दरिया में खेलता पधारो गणपति।।

मुरली बजावत देवा कृष्ण पधारो जी। 
संग माँहि लावो राधा रानी जी,
निज मिन्दरिया में खेलता पधारो गणपति।।

डमरू बजावत देवा शिवजी पधारो जी। 
संग माँहि लावो पार्वती जी,
निज मिन्दरिया में रमता पधारो गणपति।।

रणत भवन से गजानन आप पधारो जी। 
संग माँहि लावो रिद्धि -सिद्धि जी,
निज मिन्दरिया में रमता पधारो गणपति।।

हस्तिनापुर से पाँचू पांडव पधारो जी। 
संग माँहि लावो द्रोपदी जी,
निज मिन्दरिया में खेलता पधारो गणपति।।

बाई मीरा गावे प्रभु गिरधर रा गुण जी। 
दीजो म्हाने चरणा री भक्ति ,
निज मिन्दरिया में खेलता पधारो गणपति।।
                               ✽✽✽✽✽

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