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Sang Chadhe Veer Hanuman Devta Sara Bhajan Lyrics संग चढ़े वीर हनुमान भजन

संग चढ़े वीर हनुमान

दोहा: गजानन भूतगणादिसेवितं कपितथजम्बूफलचारु भक्षणम।
उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपंकजम।।
        
सुर बिन मिले न सरस्वती गुरु बिन मिले न ज्ञान।
अन्न बिन हँसा उड़ चले तोजल बिन ताज दे प्राण।।

सुर दो माता सरस्वती गुरुवर दो म्हाने ज्ञान। 
अन्न दो माता धरती जल बरसो इंद्र भगवान।।

स्थाई:  संग चढ़े वीर हनुमान देवता सारा। 
तुम रिद्धि - सिद्धि ले घर आवो गणपति प्यारा।।

एक अम्बा देवी का मिन्दर बण्या हद भारी। 
भाई जगदम्बा रे सिंहडे री असवारी।।
       
कोई शिव शंकर का मिन्दर बण्या हद भारी।
भाई शिव शंकर रे नांदये री असवारी।।

कोई गणपति जी का मिन्दर बण्या हद भारी।
कोई गजानन जी रे मूषक री असवारी।।

भाई नगर अयोध्या शहर बना है भारी। 
कोई दशरथ जी घर रामचन्द्र अवतारी।।

नदी किनारे टुकनगिरि जस गावे।
कोई सांढ़ो रे लाव ने अमर जोत दर्शावे।। 

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