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Mujhe Meri Masti Kaha Leke Aai Lyrics मुझे मेरी मस्ती कहाँ लेके आई

मुझे मेरी मस्ती कहाँ लेके आई..... 




स्थाई:- मुझे मेरी मस्ती कहाँ लेके आई -२ 
जहाँ मेरे अपने, सिवा कुछ नाँहि,
मुझे मेरी मस्ती कहाँ लेके आई।

पता जब लगा मेरी हस्ती मुझको,
सिवा मेरे अपने कहीं कुछ नाँहि। 
मुझे मेरी मस्ती कहाँ लेके आई,
मुझे मेरी मस्ती कहाँ लेके आई।

सभी में सभी में, पड़ा मैं ही मैं हूँ ,
सिवा मेरे अपने कहीं कुछ नाँहि। 
मुझे मेरी मस्ती कहाँ लेके आई,
मुझे मेरी मस्ती कहाँ लेके आई।

ना दुख है ना सुख है, ना है शोक कोई,
अजब है ये मस्ती, पीया कुछ नाँहि। 
मुझे मेरी मस्ती कहाँ लेके आई,
मुझे मेरी मस्ती कहाँ लेके आई।

ये सागर ये लहरें, ये फेन ये बुदबुदे, 
कल्पित है जल के सिवा कुछ नाँहि।
मुझे मेरी मस्ती कहाँ लेके आई,
मुझे मेरी मस्ती कहाँ लेके आई।

परदा है दुई का, हटाकर जो देखा,
बस एक मैं हूँ , जुदा कुछ नाँहि। 
मुझे मेरी मस्ती कहाँ लेके आई,
मुझे मेरी मस्ती कहाँ लेके आई।
               ✽✽✽✽✽  
  

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