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Fakiri Kayar Su Nahi Bhajan Lyrics फकीरी, कायर सूं नहीं होय

फकीरी, कायर सूं नहीं होय.....

स्थाई:- फकीरी, कायर सूं नहीं होय।।

जिनके मन में माया ममता, देवे रे पलक में रोय। 
काम क्रोध मद लोभ ने त्यागे, सो ही प्रभु का होय।।

कोई नहीं है थारो ने म्हारो, नहीं सगा कोई सोय। 
खरी टेम पर काम नहीं आवे, झूठा रे ए सब रोय।।

जागतो जोगी जम भगावे, सूता सूं दुखी होय। 
सत चित आनंद अलख अनेरो, दूजो नहीं है कोय।।

नव नाथां री दुर्लभ वाणी, अगम निगम है दोय। 
जोगी री मस्ती मसाणां माँहि, दूजी ठोड़ नहीं कोय।।
                      ✽✽✽✽✽ 

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