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Naath Niranjan Aarti Saajhe Lyrics नाथ निरंजन आरती साजे

नाथ निरंजन आरती साजे..... 

स्थाई:- नाथ निरंजन आरती साजे, गुरु के शब्दों से झालर बाजे।।

अनहद नाद गगन में बाजे, परम ज्योति जहाँ आप विराजे।।

दीपक ज्योति अखण्डित बाती, परम ज्योति जले दिन राती।।

सकल भुवन उजियारा होई, देव निरंजन और न कोई।।

अनन्त कला जां को पार न पाई, शंख मृदंग धुनि बीन बजाई।।

स्वाति बूंद ले कलश बँधाऊ, निरूति सुरुति ले पहुप चढ़ाऊँ।।

निज तंत नाम अमूरत मूर्ति, सब देवों की उद्बुद् सुरति।।

आदिनाथ न्याति मच्छन्दर का पूता, आरती करे गोरख अवधूता।।
                                             ✽✽✽✽✽

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