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Meera Medatani Re Manade Girdhar Bhajan Lyrics मीरां मेड़तणी रे मनड़े गिरधर

मीरां मेड़तणी रे मनड़े गिरधर..... 



स्थाई:- श्याम सुन्दर सपना में आकर, जादू कर ग्यो रे। 
सांवरो जादू कर ग्यो रे, ओ मोहन  जादू कर ग्यो रे। 
मीरां मेड़तणी रे मनड़े गिरधर बस  ग्यो रे। 

मन मोहन रा हरजस गातां, सो गई मीरां दासी। 
मुरली वाळो आय जगाई, सपना में अध राती। 
हाथ पकड़ कर गिरधर नागर, मीठी तान सुणाई। 
मगन मुरारी मीरां बाई ने, ऐसी कर ग्यो रे।

मीठा भोज बणाकर मीरां, कंचन थाल सजावे। 
बंशी वाला श्यामसुन्दर ने, कर मनवार जिमावे। 
बांध घूंघरा नाच नाचकर, मन मोहन ने रिझावे। 
मंद-मंद मुसकातो मोहन, हिये उतर ग्यो रे।

चक्र सुदर्शन धारी मोहन, पीताम्बर लिपटायो। 
रूप मनोहर देख्यो मीरां, हरख-हरख जस गायो। 
नेणां नीर छलकतो जावे, मनड़ो हरख्यो जावे। 
आज मुरारी इण दासी रो, भाग संवर ग्यो रे।

दास अशोक सुणावे मोहन, विणती थे सुण लीजो। 
निज भगतां ने आय मेड़ते, दर्शण थे दे दीजो। 
भवसागर सूं पार लगावो, नैया थारे हाथ। 
अमर कन्हैयो मीरां बाई ने, जग में कर ग्यो रे।
                              ✽✽✽✽✽

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