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Raamji Sabka Sirjanhara Bhajan Lyrics रामजी सबका सिरजनहारा

रामजी सबका सिरजनहारा..... 


स्थाई:- रामजी सबका सिरजनहारा। 
ऊँच नीच कोई भेद न जाणे, भज्यां उतारे पार।।

पंडित गावे वेद पुराणा, दुनियाँ आन पसारा। 
हरी मारग की खबर न पाई, भूल्यो सब संसारा।।

संत मिल्यां सबही विधि पावे, भजन भेद अधिकारा। 
राम नाम निरपक्ष बतावे, नहीं कोई म्हारा थारा।।

घट-घट व्यापक राम कहीजे, उत्तम मध्यम विव्हारा। 
जो ध्यावे सो ही पद पावे, जामे फेर न सारा।।

तन मन जीत राम रस पीवे, जीवे ईं आधारा। 
रामचरण ताँहि और न भावे, सब रस लागे खारा।।
                                ✽✽✽✽✽   

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