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Kaya Nagar Re Bich Me Lehariya Bhajan Lyrics काया नगर रे बीच में रे लहरिया चेतावनी भजन

काया नगर रे बीच में रे लहरिया.... 

स्थाई:- काया नगर रे बीच में रे, लहरिया लम्बा पेड़ खजूर। 
चढ़े तो मेवा चाख ले रे, पड़े तो चकनाचूर। 
भजन में खूब रमणा रे, लहरिया हरी सूं  राखो हेत। 
प्याला भर-भर पीवणा रे, लहरिया लागी हरी सूं डोर।।

शबद कटारी बाकड़ी रे, लहरिया गुरुगम री तलवार। 
अविनाशी री फौज में रे, कदे नहीं आणो हार।।

माखी बैठी शहद पे रे, लहरिया पंखुड़ियाँ लिपटाय। 
उड़ने रा सांसा पड्या रे, लालच बुरी रे बलाय।।

जन्तर पड़ियो जोजरा रे, लहरिया टूट गई सब तार। 
तार बिचारो काँहि करे, गयो रे बजावण हार।।

धमण धुखे घोळा तपे रे, लहरिया धड़-धड़ पड़े रे जंजीर। 
रामानन्द री फौज में रे, सन्मुख लड़े रे कबीर।।
                              ✽✽✽✽✽ 

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