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Hoi Javo Santh Sudharo Thari Kaya Bhajan होई जावो संत सुधारो

होई जावो संत सुधारो.......



स्थाई:- होई जावो संत सुधारो थांरी काया जी। 
अपने धणियों रा मारग झीणा है ओ रावळमाल। 
समझ्योडा वो तो झीणोड़े मारग हालो जी। 
रथ घोड़ो ने धीमा हाको नी ओ रावळमाल।।

उंडा उंडा नीर अथंग जल भरिया जी। 
तेरुड़ा रो थाग नहीं आयो है ओ रावळमाल।।
होई जावो संत सुधारो थांरी काया जी ।।

कड़वा री नीम निबोल्यां ज्यां री मीठी जी। 
कुण नर मिसरी मिलाई है ओ रावळमाल।।
होई जावो संत सुधारो थांरी काया जी ।।

बैठ हथायां माला झूठ मत बोलो जी। 
पथ पंचो रे माँहि जावे है ओ रावळमाल।।
होई जावो संत सुधारो थांरी काया जी ।।

घर री तो खोंड करकरी लागे जी। 
गुड़ तो चोरी रो मीठो ओ रावळमाल।।
होई जावो संत सुधारो थांरी काया जी ।।


पराई नार आंगणिया बिच ऊभी जी। 
बेनड कह बतलावो ओ रावळमाल।।
होई जावो संत सुधारो थांरी काया जी ।।

उजड़ खेतों में माला बीज मत बावो जी। 
हासल हाथ नहीं आवे है ओ रावळमाल।।
होई जावो संत सुधारो थांरी काया जी ।।

दोई कर जोड़ राणी रूपां दे जी बोले जी।
अपने धणियों ने समझाया है ओ रावळमाल।।
होई जावो संत सुधारो थांरी काया जी ।।
              ✪✪✪✪✪ 

   

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