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Dedariya Taj De Chilariye Ri Asha Bhajan डेडरिया, तज दे छिलरिये री आसा

डेडरिया, तज दे छिलरिये री आसा.....  



दोहा:- दौड़ सके तो दौड़ ले, जब लग तेरी दौड़। 
दौड़ थकी धोखा मिट्या, वस्तु ठौड़ की ठौड़।।

स्थाई:- तज दे छिलरिये री आसा, डेडरिया, तज दे छिलरिये री आसा। 
ए तो विनाशी, एक घड़ी रा, कर समदर माँहि वासा।।

कागा बुगला सर्प बिलारा, गिणती तुम्हारी सांसा। 
तू तो दौड़ मछिया रे लारे, वे करे तुम्हारा विनाशा।।



बुगलोँ से रणा, हंसो का संग करणा, रहणा सतगुरुजी रे पासा। 
इण रे छिलरिये में दुखड़ो घणेरो, भोगे भव री त्रासा।।

डरु-डरू बोले, थब थब कूदे, कर कर हिले में हुलासा। 
सुन्दर काया थारी राख बणेला, ऊपर उगे थारे घासा।।

नित रो जनमणो, नित रो मरणो, नित रा करे घर वासा। 
नाथ विवेक तम दुख नाशे, करो हिरदे परकाशा।।
                               ✪✪✪✪✪ 

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