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Aa To Badnami Lage Mithi Bhajan आ तो बदनामी लागे मीठी रे भजन

आ तो बदनामी लागे मीठी रे ( धुन:- देशड़लो रंग रूड़ो )

स्थाई:- आ तो बदनामी लागे मीठी रे, मेवाड़ी राणा,
आ तो बदनामी लागे मीठी।।

प्रेम रे मारगिये म्हारा सतगुरु मिलिया। 
इण विध फिरुँ मैं अपूठी, मेवाड़ी राणा, 
आ तो बदनामी लागे मीठी।।

सासू नणदल म्हारी रे देराणी जेठाणी। 
बल जल हो गई रे अंगीठी रे, मेवाड़ी राणा, 
आ तो बदनामी लागे मीठी।।

थारे शहर रा राणा लोग अण भेदू। 
बात करे है अनीति रे, मेवाड़ी राणा, 
आ तो बदनामी लागे मीठी।।

थांरो रामैयो मीरां म्हाने तो बतावो। 
जद जाणूंला साँची प्रीत रे, मेवाड़ी राणा, 
आ तो बदनामी लागे मीठी।।

म्हारो रामैयो राणा घट-घट बोले। 
थारे हिये री कइयाँ फूटी रे, मेवाड़ी राणा, 
आ तो बदनामी लागे मीठी।।

बाई मीरां कहे प्रभु गिरधर रा गुण। 
चढ़ गयो रंग मजीठी रे, मेवाड़ी राणा, 
आ तो बदनामी लागे मीठी।।
                ✽✽✽✽✽

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