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Vari Jau Re Balihari Jau Re Bhajan Lyrics वारि जाऊ रे, बलिहारी जाऊ रे


वारि जाऊ रे, बलिहारी जाऊ रे.......



दोहा :  सतगुरु मेरी आत्मामै संतन की देह। 
रोम रोम में रम रयाज्यू बादल में मेह।।

स्थाई :  वारि जाऊ रे, बलिहारी जाऊ रे। 
म्हारा सतगुरु आँगन आयामें वारि जाऊ रे।।
  
सतगुरु आँगन आयामें गंगा गोमती नहाया।
म्हारी निर्मल हो गयी कायामें वारि जाऊ रे।।

सतगुरु दर्शन दिना, म्हारा भाग उदय कर दिना। 
करम भरम सब छीना रेमें वारि जाऊ रे ।।

सखियाँ मिलकर आवोकेसर रा तिलक लगावो। 
गुरुदेव ने बधावो रेमें वारि जाऊ रे ।।

सत्संग बण गई भारीथे गावो मंगलचारी। 
म्हारे खुली हिरदे री बारी रे, में वारि जाऊ रे।।

दास नारायण जस गावेचरणा में शीश झुकावे।
म्हारो बेड़ो पार लगावो रेमें वारि जाऊ रे ।।
                  *****              


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