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Satguru Aya Pawana Bhajan Lyrics सतगुरु आया पांवणा


सतगुरु आया पांवणा

दोहा :- सतगुरु चन्दन बावनां , दिन - दिन दूणी वास ।
            अज्ञान हरण प्रकटिया , जानत है निज दास ।।

स्थाई :- सतगुरु आया पांवणा , परमेश्वर आया पांवणा। 
आज म्हारे आनन्द भयो , गुरु गोविन्द आया पांवणा ।। 


हिंगलू पायां रो ढालु ढोलियो , रेशम रा बिछावणा । 
जिण पर राजा राम विराजे , पंखा वाव ढुलावणा ।।

पैंप केरी फूलमाला , फुलां  रा  बिछावणा । 
फूली फूली मैं फिरूं म्हारे , फूला घर रा आँगणा ।।



चोखा रंधाऊं ऊजला रे , ऊपर घिरत घलावणा ।  
खीर खाण्ड रा इमरत भोजन , संतो ने जीमावणा ।।

कानां में कुण्डलिया सोवे  , बंशली बजावणा ।  
जल जमना ने कूद पड्या , नाग नाथ घर आवणा ।।

मथुराजी में कंस मारियो , लंका जी में रावणा । 
बलि रे द्वारे आप पधारिया , बावन रूप धरावणा ।।

अड़सठ तीरथ सतगुरु शरणे , गंगा गोमती में नावणा । 
गुरु शरणे बाई मीरा बोले , हरी हरी गुण गावणा ।।
                           ✽✽✽✽✽

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