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Haa Re Satguru Aawola Bhajan हाँ रे सतगुरु आवोला



हाँ रे सतगुरु आवोला...... 

दोहा:- सतगुरु आवत देखिया, ज्यां रे कांधे लाल बंदूक।
गोली दागी हरी नाम री, भाग गया जम दूत।।

स्थाई:- हाँ रे सतगुरु आवोलाहाँ रे सतगुरु आवोला। 
इमरत रा प्याला कद म्हाने पावोला,सतगुरु आवोला।।

मैं अज्ञानी नींद में सूतो, कद म्हाने आय जगावोला। 
हिवड़ो म्हारो घणो अलूणो, धीरज बंधावोला,सतगुरु आवोला।।

दरसण सारुं म्हारा नैण दुखी है, कद म्हाने दरश दिखावोला। 
हरिये वन रा दरखत सूना, कद जल बरसावोला,,सतगुरु आवोला।।

मोटा-मोटा जोध लड़े घट भीतर, कद वांने मार हटावोला। 
शील सन्तोष दया धरम, हिरदे ठहरावोला,सतगुरु आवोला।।

जीव आतम में भेद पड्यो है, कद म्हारो भेद मिटावोला। 
गोपेश्वर अंजनेश्वर शरणे,पार लगावोला,सतगुरु आवोला।।
            ✽✽✽✽✽

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