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Rajendra Suriji Ko Baar Baar Bhajan राजेन्द्र सूरीजी को बार-बार


राजेन्द्र सूरीजी को बार-बार 

स्थाई:- राजेन्द्र सूरी जी को बार-बार वन्दना। 
बार-बार वन्दना, हजार बार वन्दना।।

संयम के सच्चे साधक कहावें। 
भूल भटके को गुरुवर राह दिखावे। 
ऐसे योगिराज को है बार-बार वन्दना।।

वीर प्रभु का तुमने ध्यान लगाया। 
अपने अन्तस में सच्चा ज्ञान जगाया। 
ज्ञान के भण्डार को है बार-बार वन्दना।।
संसारी जीवन त्याग बने वैरागी। 
मन की इच्छाँए साड़ी पल में त्यागी।
त्याग प्रतिमूर्ति को बार-बार वन्दना।।

मोहनखेड़ा में धाम तिहार।
दर्शन करने आये ये जग सारा। 
ऐसे गुणवंत को है बार-बार वन्दना।।

दास अशोक नित शीश नवावे। 
दादा को हाथ जोड़ अरज सुणावे। 
भक्तो के आधार को बार-बार वन्दना।।
                 ❂❂❂❂❂

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