सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Gurosa Mhaane Olu Aap Ri Aawe Bhajan गुरोसा म्हाने ओलु आप री आवे


गुरोसा म्हाने ओलु आप री आवे.........

स्थाई : लागी लगन म्हारे पियुजी मिलण री, कोमण काग उड़ावे। 
कुटुम्ब कबीलो म्हने दाये नहीं आवे, आप मिलिया ती दुःख जावे,
गुरोसा म्हाने, ओलु आप री आवे।।

दिन नहीं चैन रात नहीं निंदरा, दोनों दुबदिया जावे,
गुरोसा म्हाने, ओलु आप री आवे।।

गुरूजी बिना म्हाने घडी नी आवडे, नेणो में नीर नी समावे। 
जल बिन मछियाँ किसविध जीवे, तड़फ-तड़फ मर जावे,
गुरोसा म्हाने, ओलु आप री आवे।।



गुरूजी बिना म्हारी काया कलमीजे, अन पाणी नहीं भावें। 
गल गया हाड़ माँस और चमड़ी, प्राण पिंजरियाँ सू जावे,
गुरोसा म्हाने, ओलु आप री आवे।।

आठो पोहर गुरु री लिव लागी, और कुणे नहीं सुहावे। 
लगी आग कालजा में धूणी, केहणी केणां में नहीं आवे,
गुरोसा म्हाने, ओलु आप री आवे।।

अब मेरे नाथ दया करो पूरी, क्यूं सीयो ने गवावे। 
कहे जोरदास पिऊ बिना पल नहीं, किस विध प्राण बचावे,
गुरोसा म्हाने, ओलु आप री आवे।।
                   ✽✽✽✽✽

यह भजन भी देखे 

Raam Mere Ghar Aana राम मेरे घर आना

Sun Maharai Surta Ajab kaamani सुण म्हारी सुरता अजब कामणी

Chausat Jogani Mataji Bhajan Lyrics चौसठ जोगणी

Fakiri Chalno Khanda Ri Dhaar फकीरी चालणो खाण्डा री धार

Shani Dev Katha शनि देव की कथा

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Aam Ki Dali Koyal Bole Bhajan Lyrics आम की डाली कोयल बोले

आम की डाली कोयल बोले   दोहा :-  ब्रह्मधाम आसोतरा में तो , सुन्दर बण्यो धाम।        खेतारामजी इच्छा पूरे , करे भगता रो काम।। स्थाई :-  आम की डाली कोयल बोले , बात बतावे खरी खरी। खेतेश्वर को जपले प्राणी , म्हें समझाऊँ घड़ी - घड़ी।। ब्रह्मधाम आसोतरा मे , नर नारी रो मेलो है। खेतेश्वर रो ध्यान धरो , हरदम थारे भेलो है। गाँव - गाँव और नगर - नगर में धूम मची है गली - गली।। धन दौलत सब उमर कमाणी , दोय घड़ी शुभ काम करो। ऐड़ो अवसर हाथ नी आवे , चाहे जतन तमाम करो। तन मन धन सब अर्पण कर दो , ब्रह्मधाम के आप धणी।। आप बसे वैकुण्ठ धाम प्रभो ! भगत पर आज म्हेर करो। ज्ञान ध्यान के तुम हो सागर , सूखी नदियाँ नीर भरो। प्यासी बगियाँ में रस भर दो , हो जावे वो हरी भरी।। ब्रह्म स्वरूपी महावैरागी , खेतेश्वर तपधारी है। आप के शरणे जो कोई आवे , नैया पार उतारी है।   दास हिरा पे किरपा कर दो , भक्त बणाई कड़ी - कड़ी।।       ...

Baras Baras Mhara Indra Raja Bhajan बरस बरस म्हारा इंद्र राजा

।।   बरस बरस म्हारा इंद्र राजा ।। बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , जाटा जी बुलावे राजा देव रे ओलमा , पलका बिछाई थारा दहेला में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , गुर्जरजी बुलावे राजा देव रे   ओलमा , फुलड़ा लाइजे भर थेला में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , मीणाजी बुलावे राजा देव रे ओलमा , करो प्रकट धेन धेला में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , सोहन सिंह गावे प्रहलाद बनावे , भजन सुरीला कैसेट अल्फ़ा में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में ,                        ✽✽✽✽✽ यह भजन भी देखे  ऊँचो भवानी थांरो देवरो Uncho Bhawani Tharo Dewaro Lok Laaj Dinhi Khoy Fakiri लोक लाज दीन्ही खोय फकीरी Ganesh Ji Aarti श्री गणेशजी की आरती काली कमली वाला मेरा यार है Kali Kamali Wala Mera Yaar Hai Guru Gyaani...

Rang Lago Ji Mhane Kodh Lago Bhajan Lyrics रंग लागो जी म्हाने कोड

Rang Lago Ji Mhane Kodh Lago Bhajan    दोहा:- धिन धिन धोरा धरती ने, पड़ियो समन्द में सीर।  कलजुग में परचा दिया, थाने रंग हो रामापीर।। तटके ताला टूटीया, झटके पड़ी आ जंजीर।  रतनो हाजिर होवियो,  थाने रंग हो रामापीर।।   स्थाई:-  रंग लागो जी म्हाने कोड लागो रे, म्हाने जाणो रे रूणीचा वाले धाम, म्हारा मनवा रंग लागो।। भादरवे री बीज चानणी।  कोई प्रकट्या दीनदयाल,  म्हारा मनवा रंग लागो।। थोथी थलियाँ में बणियो देवरो।  कोई धजा रे फरुखे आसमान,  म्हारा मनवा रंग लागो।। मेवा मिठाई चढ़े चूरमो रे।  बाबा चढ़े चढ़े लीलड़िया नारेळ,  म्हारा मनवा रंग लागो।। दूर देशां रा आवे जातरी।  थारो मेलो रे भरीजे भरपूर जी,  म्हारा मनवा रंग लागो।। कुशल रतन री वीनती रे।  थारा प्रकाश माली जश गाय,  म्हारा मनवा रंग लागो।।                                        ✽✽✽✽✽ यह भजन भी देखे ...