सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Raam Mere Ghar Aana Bhajan Lyrics राम मेरे घर आना

राम मेरे घर आना 


दोहा:- लक्ष्मण और सीता संग, वन को जाते राम। 
दर्शन प्यासी भिलणी, केवे सुबह और शाम।।

स्थाई:- मतंग ऋषि की कुटिया पर आ भिलणी जोवे वाट। 
राम मेरे घर आना, राम मेरे घर आना।।
चित्रकूट के घाट-घाट पर, तुलसी जोवे वाट। 
राम मेरे घर आना, राम मेरे घर आना।।

आसन नहीं है रामा, कहाँ में बिठाऊँ। 
टूटी पड़ी है खाट-खाट पर, बिछी पड़ी हे टाट,
राम मेरे घर आना।।

भोजन नहीं है रामा, क्या मै जिमाऊँ। 
ठण्डी पड़ी है घाट-घाट में, डालो ठण्डी छाछ,
राम मेरे घर आना।।


मेवा नहीं है रामा, क्या मैं चढ़ाऊँ। 
सूखे पड़े है पेड़-पेड़ पर, लगे हुए है बैर,
राम मेरे घर आना।।

झूला नहीं है रामा, काहे में झुलाऊँ। 
हरे भरे है पेड़-पेड़ पर, झूले राधेश्याम,
राम मेरे घर आना।।

तुलसीदास, आस रघुवर की। 
भिलणी लाई बोर लाई, कर-कर  खांडी कोर,
राम मेरे घर आना।।
           ✪✪✪✪✪

यह भजन भी देखे 

Dard Nai Jane Koi दर्द नई जाने कोई

Tharodo Sahybo Bata थारोड़ो सायेबो बता, ओ तोला राणी

Khelo Mota Chauk Me खेलो मोटा चौक में

Fakiri Jivat Dhukhe Massan फकीरी जीवत धूके मसाण

Ramte Jogi ne Mhara Aadesh Bhajan Lyrics

CLOSE ADS
CLOSE ADS

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Baras Baras Mhara Indra Raja Bhajan बरस बरस म्हारा इंद्र राजा

।।   बरस बरस म्हारा इंद्र राजा ।। बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , जाटा जी बुलावे राजा देव रे ओलमा , पलका बिछाई थारा दहेला में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , गुर्जरजी बुलावे राजा देव रे   ओलमा , फुलड़ा लाइजे भर थेला में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , मीणाजी बुलावे राजा देव रे ओलमा , करो प्रकट धेन धेला में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में , सोहन सिंह गावे प्रहलाद बनावे , भजन सुरीला कैसेट अल्फ़ा में , बरस बरस म्हारा इंद्र राजा तेजाजी का मेला में ,                        ✽✽✽✽✽ यह भजन भी देखे  ऊँचो भवानी थांरो देवरो Uncho Bhawani Tharo Dewaro Lok Laaj Dinhi Khoy Fakiri लोक लाज दीन्ही खोय फकीरी Ganesh Ji Aarti श्री गणेशजी की आरती काली कमली वाला मेरा यार है Kali Kamali Wala Mera Yaar Hai Guru Gyaani...

Bhilani Rangili Bhajan Lyrics भीलणी रंगीली भजन

भजन भीलणी रंगीली......   दोहा :   नार नवेली बणी अलबेली , बणी हे वा रंगीली।             पर्वता छलवा ने आई , बण भीलणी रंगीली।। स्थाई :   भीलणी रंगीली , अरररर भीलणी रंगीली।                शिवजी रो , बाबा रो , लहरी रो मनड़ो मोयो रे , भीलणी रंगीली।। घेर घुमालो पहन गागरो , ओढण अंबुआ साड़ी।   शिवजी आगे नृत्य कियो जद , शिवजी पालक उगाड़ी।। किस्या भील री बेटी कहिजे , किस्या भील ने ब्याही।   कावण थारो नाम कहीजे , किण पुरुष घर नारी।   केवे शिवजी सुण ले भीलणी , कर ले प्रीत हमारी।। हेमा भील री बेटी कहिजूं , शिविया भील ने ब्याई।   कहे भीलणी सुण ले बाबा , मत कर प्रीत हमारी।। भील जात भिखियारी रे बाबा , मत कर प्रीत हमारी।। म्हारे घर भंवर भील है , उड़ता पंछी मारे।   थने मार ने म्हने ले जावे , पथ दोनों री जावे।। नव दानव जागृति में मारया , भील किण रे लेखे।   जटा मुकुट में थाने छिपा लूं , भील कठां सूं देखे।। पहली हे थारे गवर पारवता , दूजी सिर प...

Mana Thari Umar Jawe Re Bhajan मना थारी उमर जावे रे

मना थारी उमर जावे रे.....  दोहा:- माया काया पांवणी, और कन्या घर होय।  राख्योड़ी रेवे नहीं, ए उठ चले पथ खोल।। स्थाई:-  मना थारी उमर जावे रे,    मना थारी उमर जावे रे।  आछा दिन थारा बीत गया, चोखा  दिन थारा बीत गया, दिन अबका आवे रे,  मना थारी उमर जावे रे। । मात-पिता सुण कामणी, माया भरमावे रे।  करी कमाई थारी खोस लेवेला, पीछे पछतावे रे। । मोह माया री नींद में, काँहि सुख भर सोवे रे।  रतन पदारथ मानखो, विरथा  काँहि खोवे रे। । माया विष री वेलड़ी, तांता पसरावे रे।  बाजीगर रा बांदरा ज्यूं, नाच नचावे।। ओ संसार मृग जल भरियो, हाथ नी आवे रे।  भटकत फिरे उजाड़ में, थारो जीव तरसावे रे। । सन्त बड़ा परमारथी, सुण ज्ञान बतावे रे।  सीधे रस्ते चालणो, सिमरथ समझावे रे। ।                         ✽✽✽✽✽    यह भजन भी देखे  Udata Pankheru Vivah Mandiyo उड़ता पंखेरू विवाह मांडियो Sambhalo Ni Sayal Ramdevji साम्भलो...