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Dhin Mata Dhin Dharti Bhajan धीन माता धीन धरती


भजन।। धीन माता धीन धरती ।।





अरे धीन माता धीन धरती
थने कदी न देखी फिरती हो... 
अरे धीन माता धीन धरती
थने कदी न देखी फिरती हो... 
धीन माता धीन धरती हो... ओ.. जी... 


धरती रा धनी आप करन्ता,
के नर हो आगे हो.. 
धरती रा धनी आप करन्ता,
के नर हो आगे हो.. 
कुम्भकरण और मेघनाथ सा-२ 
गया गडिन्दा खाता हो,
अरे धीन माता धीन धरती,
थने कदी न देखी फिरती हो
धीन माता धीन धरती हो... ओ.. जी... 


भीम सरीखा बलवन्त योद्धा-२ 
नीत उठ कुश्ती लड़ता हो,
भीम सरीखा बलवन्त योद्धा,
नीत उठ कुश्ती लड़ता हो,
हिमालय में हाड गालियों-२ 
कोई न आई सॉवन्ति ओ,
अरे धीन माता धीन धरती,
थने कदी न देखी फिरती हो
धीन माता धीन धरती हो... ओ.. जी... 




अरे नाव तो नावड़िया चाले,
नदिया चाल गूढ़ती हो ,
अरे नाव तो नावड़िया चाले हो....ओ... 
नदिया चाल गूढ़ती हो ,
चाँद सूरज तो सरोदय,
नकतर चाले फिरता हो,
धीन माता धीन धरती,
थने कदी न देखी फिरती हो
धीन माता धीन धरती हो... ओ.. जी... 


अरे देवनाथ गुरु पूरा मिलिया,
सतगुरु मिलिया समर्थी हो
राजा मान कहे सुनो भाई साधो,
जागी ज्योत बबलती हो,
  धीन माता धीन धरती,
थने कदी न देखी फिरती हो
धीन माता धीन धरती हो... ओ.. जी... 
       ✽✽✽✽✽

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